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आने वाला है लॉकडाउन 5.0, खुलेगी जिम- जानिए इस से जुडी अहम् बातें |

 
lockdown 5.0 is coming


इस समय पुरे देशवासियो के मन में यही सवाल है की क्या लॉकडाउन 5.0 आने वाला है अगर आने वाला है तो पावंदी का दायरा कितना रहने वाला है, छूठ मिलेगी तो कितनी छूठ मिलने वाली है | और सबसे अहम् सवाल की किस जोन में या किस इलाके में मिलेगी | 

 मै आपको बताते चलता हूँ की इण्डिया में कोरोना पॉजिटिव की संख्या 1.5 लाख से भी ज्यादा है और 27 मई  को इंडिया टॉप 10 सबसे ज्यादा मरीजों वाला देश में शामिल हो गया है | इतने तेज़ी से बढ़ते मामलो के बाद भी भारत सरकार ने कुछ मामलो में छूठ दी थी | लेकिन लॉकडाउन 4.0 के खत्म होने के तीन दिन पहले ही लॉकडाउन 5.0 की सुगबुगाहट तेज़ हो गयी है | 

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  31 मई को मन की बात करने वाले है खबर है की उस दिन मोदी बहुत कुछ साफ़ कर सकते है  वैसे सूत्रों का कहना है की लॉकडाउन 14 दिन यानी 2 हफ्तों का बढ़ाना तय है | भारत सरकार कुछ छूठ देकर आपकी रोजमर्रा की ज़िन्दगी और भारत की अर्थवयवस्था को पटरी पे लाने की कोशिश कर रही है लेकिन खबर है की जिस एरिया से कोरोना वायरस की ज्यादा केसेस आ रहे है उस एरिया में कोई भी छूठ नहीं दी जाएगी | 

11 शहरो में सबसे ज्यादा केस-


सूत्रों से खबर है की 11 शहरो में लॉकडाउन की सख्ती जारी रहेगी| ये वो  शहर है जहाँ कोरोना मरीजों की संख्या ज्यादा है और संख्यो में लगातार इजाफा हो रहा है | जिन शहरो में पावंदी रह सकती है वो शहर है मुंबई , पुणे , बेंगलुरु, चेन्नई,अहमदाबाद, दिल्ली,ठाणे,कोलकाता,इंदौर ,जयपुर और सूरत |   

आपको बता दे की देश के कुल कोरोना पॉजिटिव के 70 फीसदी कोरोना मरीज इन्ही 11 शहरो से है और 80 फीसदी मरीज़ इन्ही शहरो में मरे है | कुल मरीज के 60 फीसदी मरीज़ मुंबई,पुणे,अहमदाबाद,दिल्ली,कोलकाता इन्ही पांच शहरो से है | मुंबई में ही सिर्फ कोरोना मरीजों की संख्या 32 हज़ार के ऊपर है |  यही वजह है  की सरकार लॉकडाउन 5 बारे में सोच रही है | कन्टेनमेंट जोन  छोड़ कर दूसरे जोन में थोड़ी ढिलई  दी जाएगी | 

क्या-क्या खुलने की उम्मीद है-


मीडिया न्यूज़ को बताया गया है की सैलून तो खुल ही गयी है अब जिम भी खुल जायेंगे | मंदिरो, मस्जिदों,चर्च में जाने पे पावंदी हट जाएगी लेकिन लॉकडाउन  नियमो मतलब सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा | धीरे-धीरे हमारी ज़िन्दगी पटरी पे आ रही है पर हमें लिविंग विथ कोरोना मतलब कोरोना के साथ जीना सीखना होगा | इसी गाइडलाइन्स को रखते हुए आगे की रणनीति तय होगी | 

भारत में दिनों-दिन मरीजो की संख्या में बृद्धि हो रही है तो वहीँ आम जीवन पे इसका असर पड़ रहा है जीवन अस्त - व्यस्त हो गयी है | गरीबो को 1 टाइम का खाना नसीब नहीं हो रहा तो वहीँ दिन व दिन बेरोजगारी बढ़ रही है | इन सभी चीज़ो को देखते हुए सरकार थोड़ी छूठ तो देगी लेकिन ज़िम्मेदारी के साथ | 
 

 

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