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चीन की बर्बादी का प्लान हो रहा है तैयार | -Bihar Aur Bihari

 
boycott chinese product
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आज हम बात करेंगे कैसे हम चीनी सामान का बहिष्कार कर चीन को सबक सीखा सकते है | और हम ये भी आपको बताएँगे की हम भारतीयों को चीनी समानो का बहिष्कार करना कितना कठिन होगा | भारत और चीन के बीच की कारोबार पर भी चर्चा करेंगे |
भारत और चीन के बीच इस समय LAC (लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल) पर तनातनी चल रही है | चाइना हमेसा इस तरह की हरकत करता रहता है लेकिन भारतीय सैनिक भी चीन को मुँह तोड़ जवाब दे रही है | भारत हर मोर्चे पर चीन को जवाब दिया है लेकिन इस बार चीन को दोहरी मात देने की तैयारी चल रही है | चीन को सेना तो जवाब तो देगी ही साथ ही साथ इस हिन्दुस्तान की 135 करोड़ देशवासी भी चीन को सबक सिखाने की ठान ली है इसलिए चीन के सामानो का बहिष्कार करने की तैयारी चल रही है | 

चीनी प्रॉडक्ट का बहिष्कार करने में कौन कौन साथ है -
भारत के प्रधानमंत्री का नारा है की हमारा भारत आत्मनिर्भर हो |  मतलब यह की भारत दूसरे पे निर्भर न रहे ,भारत में हर वो चीज़ बननी चाहिए जो दूसरे देश से निर्यात की जाती है | चीन से भारी मात्रा में भारत में निर्यात होता है जिसका सीधा फायदा चीन उठाता है |  तो आज भारत की मांग है की चीनी प्रोडक्ट्स का बहिष्कार किया जाय | 
कई सेलिब्रिटीज भी चीनी प्रोडक्ट को बहिष्कार करने के पक्ष में है  तो वहीँ कई नेताओ ने भी ये आवाज़ उठाई है और आज हर नागरिक इसका साथ दे रहा है | ऐसा इसलिए किया जा रहा की चीन की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके  | भारत में चीन करोड़ो का कारोबार करता है और लगभग हर भारतीय आधी से ज्यादा चीनी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करता है और आज भारत के बाजार से कमाए पैसो से ही भारत के खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है | इसी वजह से आज चीनी सामान पे प्रतिबन्ध और बहिष्कार करने की मांग उठने लगी है | 

कितनो का कारोबार और क्या क्या खरीदता है भारत-

चीन का इतिहास ही धोका देने वाला है और  चीन पहले भी कई मोर्चो पर भारत को धोका दे चूका है | भारत और चीन के बीच आर्थिक रिश्तो को देखे तो पिछले साल 5,62,600 करोड़  का माल ख़रीदा तो वही भारत ने 1,35,200 करोड़  का माल चीन को बेचा | भारत चीन से इलेक्ट्रिक चीज़े खरीदता है जैसे टेलीविज़न, साउंड, मोबाइल इत्यादि और प्लास्टिक से बानी वस्तुएँ, केमिकल,मशीनरी चीन से भारत आती है |  इतना ही नहीं नुक्लेअर रिएक्टर , बायलर जैसी चीज़ भी भारत लेता है | मतलब भारत चीन से आधे से भी ज्यादा सामान खरीदती है | अगर भारत चीन से सामान लेना बंद कर दे तो चीन की आर्थिक कमर तोड़ी जा सकती है | 

आसान नहीं है चीनी सामानो का बहिष्कार करना-
 
 इतना आसान नहीं है चीन  का बहिष्कार करना | इसके पीछे है भारत की बड़ी स्टार्टअप | आपको बता दे की भारत की कंपनी बिग बास्केट में 25 करोड़ डॉलर का निवेश चीन का है वही पेटम में 40 करोड़ डॉलर तो जोमैटो में 20 करोड़ डॉलर , स्नैपडील में 70 करोड़ डॉलर,  ड्रीम 11  में 15 करोड़ तो ओला में 50 करोड़ डॉलर  तो वहीँ स्विग्गी में करीब 50 करोड़ का चीनी  का निवेश है यानि भारत के बड़े स्टार्टअप में चीन का पैसा लगा है ऐसे में चीनी सामान का बहिष्कार करना आसान बात नहीं है लेकिन धीरे धीरे चीन के सामान को अपने ज़िन्दगी से बाहर  कर सकते  है |

सोनम वांगचुक ने चीनी प्रोडक्ट्स के बहिष्कार के लिए उपाय बताया है वांगचुक के मुताबिक हमें चीनी सॉफ्टवेयर को एक सप्ताह के अंदर हटा देना चाइये तो वहीँ हार्डवेयर को एक महीना के अंदर हटा देना चाहिए | 
चीन से भारत आने वाले सामान को खुद भारत के नागरिक को बनाने चाहिए और इनकी कीमत चीनी सामान से काम होनी चाहिए जिस से भारत का हर एक आम नागरिक इसे खरीद सके | 

आज चीन भारत के रुपये से ही गोले बारूद खरीद कर भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने की धमकी देता है | अगर भारत चीन की आर्थिक कमर तोड़ दे तो चीन की हेकड़ी काम हो सकती है |  आज हमें इन सभी बातो पे ध्यान देनी चाहिए | 











 

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